पुणे
पुणे के चर्चित लोहगढ़ हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मामले से जुड़े नए तथ्य सामने आ रहे हैं. पुलिस जांच में अब मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके परिवार की पृष्ठभूमि को भी खंगाला जा रहा है. जानकारी के अनुसार, सिया गोयल पुणे के गंगाधाम इलाके स्थित न्यू एरा सोसायटी में अपने परिवार के साथ रहती थी. उसके परिवार में माता-पिता और एक भाई शामिल हैं।
जांच में यह भी पता चला है कि सिया और चेतन की पहली मुलाकात पिछले साल दिवाली के दौरान आयोजित एक पार्टी में हुई थी. इसी मुलाकात के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ता गया. पुलिस अब दोनों के रिश्तों, कॉल रिकॉर्ड, मुलाकातों और आपसी संवाद से जुड़ी जानकारियों को खंगाल रही है।
फूटा टीवी एक्ट्रेस का गुस्सा, सिया पर एक्शन की डिमांड
केतन अग्रवाल की मौत ने सनसनी मचाई हुई है. 26 साल के लड़के की मौत लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के दौरान हुई. वो पहाड़ी से नीचे गिर पड़े, जिसमें उनकी जान चली गई. पहले इसे महज एक हादसा बताया जा रहा था. लेकिन फिर ये बात सामने आई कि उनकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने लवर चेतन चौधरी के साथ केतन को पहाड़ी से नीचे धक्का दिया।
इस घटना ने हर किसी को हैरानी में डाल दिया है. सभी सिया से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया है. टीवी सेलेब्स भी अपनी नाराजगी बयां करते दिख रहे हैं. हिना खान के बाद अब आंचल खुराना ने केतन अग्रवाल के साथ जो कुछ हुआ, उसपर दुख जताया है. आंचल ने सिया को लेकर भी बड़ी बात कह डाली है।
रोडीज विनर ने जताई नाराजगी
अपने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करके आंचल खुराना ने कहा- केतन अग्रवाल सिर्फ 26 साल का लड़का था. एक करोड़पति बाप के बेटे की एक करोड़पति बाप की बेटी से अरेंज मैरिज फिक्स होती है. दोनों परिवार एक-दूसरे के करीबी हैं, तो वो अपने बच्चों की भी शादी तय कर लेते हैं. लेकिन जो बेटी है उसका चेतन के साथ अफेयर चल रहा होता है. आप ये बात अपने पेरेंट्स से कह सकती थीं, आप अपने मंगेतर को ये बात बता सकती थीं. लेकिन उसने केतन को पहाड़ी से नीचे फेंकना सही समझा।
'यार ये सिर्फ लड़का या लड़की की बात नहीं है. मैं ये कहना चाह रही हूं कि इस पीढ़ी को हो क्या गया है? हमें किसी पर भी अत्याचार नहीं करना चाहिए. सिया के अंदर केतन को मारने की हिम्मत आई, लेकिन अपने माता-पिता को अफेयर का सच बताने की हिम्मत नहीं थी. क्या तुम सीरियस हो? तुम उसके घर से भाग सकती थी, कुछ और कर सकती थी. किसी को मारने की क्या जरूरत थी? ये आखिर हो क्या रहा है? मेरे हिसाब से उस लड़की को भी उसी खाई से धक्का दे देना चाहिए. इस मामले में कोई कोर्ट केस भी नहीं होना चाहिए।
सिया आखिर चाहती क्या थी?
पुणे के बहुचर्चित लोहगढ़ किला केस का सबसे चर्चित नाम. एक ऐसी लड़की, जिसकी जिंदगी में एक तरफ केतन अग्रवाल था, जिससे कुछ महीनों बाद उसकी शादी होने वाली थी, तो दूसरी तरफ चेतन था, जिसके साथ उसके अफेयर की बात पुलिस जांच का हिस्सा बन चुकी है।
पुणे के गंगाधाम इलाके की न्यू एरा सोसायटी में रहने वाली सिया एक कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखती है. उसके पिता प्रवीण गोयल ड्राय फ्रूट और मसालों के कारोबार से जुड़े हैं. परिवार की छवि समाज में सम्मानित मानी जाती है जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, पिछले साल दिवाली के दौरान आयोजित एक पार्टी में सिया की मुलाकात केतन से हुई थी. बताया जाता है कि पहली मुलाकात के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ता चला गया. वहीं दूसरी ओर पुणे (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि पिछले छह महीनों में सिया और चेतन के बीच 2,004 कॉल हुईं और कुल मिलाकर लगभग 238 घंटे बातचीत हुई. कुछ कॉल दो से तीन घंटे तक लगातार चली थीं. पुलिस का मानना है कि यह लंबी बातचीत कथित साजिश की तैयारी का भी हिस्सा हो सकती है।
11 फरवरी को हुई मुलाकात, 19 को रोका
दिलचस्प बात यह है कि इसी दौरान सिया के परिवार ने उसके लिए जीवनसाथी की तलाश भी शुरू कर दी थी. इसी क्रम में अग्रवाल परिवार से रिश्ता तय हुआ. 11 फरवरी को दोनों परिवारों की मुलाकात हुई, 19 फरवरी को रोका सम्पन्न हुआ और 25 नवंबर को शादी की तारीख भी तय कर दी गई. घरों में तैयारियां शुरू हो चुकी थीं. भविष्य के सपने बुने जा रहे थे. परिवार का कहना है कि सिया केवल नाम की होने वाली बहू नहीं थी, बल्कि परिवार का हिस्सा बन चुकी थी. वह कई बार उनके घर आई. होली के अवसर पर आई, पूजा-पाठ में शामिल हुई, पूरा दिन परिवार के साथ बिताया. बातचीत में अपनापन दिखाती थी. किसी को यह आभास तक नहीं हुआ कि उसके मन में कुछ और भी चल रहा है।
केतन की मां ने मान लिया था बहू
केतन की मां आज भी इसी बात को याद कर भावुक हो जाती हैं. उनका कहना है कि उन्होंने सिया को बहू मान लिया था. वह घर आती थी, परिवार के साथ घुल-मिलकर रहती थी, इसलिए कभी शक नहीं हुआ. उनका आरोप है कि यदि रिश्तों की वास्तविक स्थिति पहले बता दी जाती तो शायद आज उनका बेटा जिंदा होता. एक तरफ शादी की तैयारियां चल रही थीं, दूसरी तरफ पुलिस जांच में सामने आया कि सिया और चेतन लगातार संपर्क में थे. जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर दोनों के बीच किस तरह का रिश्ता था. परिजनों का दावा है कि दोनों की मुलाकातें होती थीं और वे एक-दूसरे के काफी करीब थे. सोशल मीडिया और जांच से जुड़े कुछ वीडियो भी चर्चा में हैं, जिनमें दोनों को साथ देखा गया है. इसी बीच केतन के परिवार ने एक और गंभीर दावा किया है. उनका आरोप है कि 14 जून को भी सिया, केतन को लेकर लोहगढ़ किले गई थी. वहां कथित रूप से एक ऐसी घटना हुई, जिसे परिवार हत्या की पहली कोशिश मान रहा है।
ड्राई फ्रूट का कारोबार करते हैं सिया के पिता
बताया जा रहा है कि सिया के पिता प्रवीण गोयल शहर में ड्राई फ्रूट और मसालों के कारोबार से जुड़े हुए हैं और उनका अपना व्यापारिक प्रतिष्ठान भी है. जांच एजेंसियां परिवार से जुड़े तथ्यों और मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
वहीं, मामले में आरोपी बनाए गए चेतन के बारे में भी कई जानकारियां सामने आई हैं. सूत्रों के मुताबिक चेतन भी ड्राई फ्रूट के व्यवसाय से जुड़ा हुआ था. उसने बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी थी. फिलहाल पुलिस उसके पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों का मानना है कि मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए दोनों के बीच संबंधों की प्रकृति और घटनाओं के क्रम को समझना बेहद जरूरी है. इसी वजह से जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजी सबूतों की मदद से पूरे घटनाक्रम को जोड़ने में जुटी हैं. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और मामले से जुड़े हर तथ्य को सत्यापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
साबित हुआ आखिर सफर
परिवार के मुताबिक, उस दिन किले के एक हिस्से में खड़े होने के दौरान केतन को पीछे की ओर धक्का लगा था. वह नीचे की ओर खिसक गया, लेकिन झाड़ियों में हाथ फंस जाने के कारण उसकी जान बच गई. परिवार का कहना है कि बाद में सिया ने सांप आया... सांप आया कहकर स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश की. परिजनों के अनुसार, 19 जून को सिया का जन्मदिन था. जन्मदिन मनाने की बात कहकर उसने 18 जून को केतन को लोहगढ़ किले चलने के लिए कहा. सुबह करीब साढ़े आठ बजे दोनों वहां के लिए निकले. परिवार को लगा कि होने वाले पति-पत्नी घूमने जा रहे हैं. लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर केतन की जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा. करीब 10:45 बजे फोन आया कि केतन किले की घाटी में गिर गया है. परिवार तुरंत मौके के लिए रवाना हुआ, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. केतन की मौत हो चुकी थी।
सिया के चेहरे पर नहीं थी सिकन
केतन के पिता विशाल अग्रवाल का कहना है कि शुरुआत से ही उन्हें यह घटना हादसा नहीं लगी. उनका आरोप है कि घटनास्थल की परिस्थितियां और बाद की परिस्थितियां कई सवाल खड़े करती हैं. परिवार का दावा है कि जब उन्होंने केतन का शव देखा, तब भी सिया के चेहरे पर वैसा दुख दिखाई नहीं दिया. केतन की मां कहती हैं कि जिस बेटे को उन्होंने लाड़-प्यार से बड़ा किया, जिसकी शादी की तैयारियां चल रही थीं, वह अचानक उनसे छिन गया. उनकी आवाज में दर्द साफ झलकता है. वह कहती हैं कि केतन हर बात उनसे साझा करता था, लेकिन शायद वह भी नहीं समझ पाया कि उसके आसपास क्या चल रहा है।
उधर पुलिस तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की जांच में जुटी है. कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल का पुनर्निर्माण और संबंधित लोगों से पूछताछ लगातार जारी है. जांच एजेंसियां हर उस कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही हैं, जो इस रहस्यमयी मौत की सच्चाई तक पहुंचा सके. लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल अभी भी वही है, जो लाखों लोगों के मन में घूम रहा है. अगर सिया की जिंदगी में चेतन था, जिससे वो प्यार करती थी तो केतन से शादी को क्यों तैयार हो गई. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आखिर वह चाहती क्या थी? वैसे तो इस सवाल का जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है. जवाब शायद जांच पूरी होने के बाद मिलेगा।
Source : Agency
