खेती को मिलेगा वैज्ञानिक आधार, हरियाणा में 52 नई प्रयोगशालाएं और किसानों पर 1468 करोड़ का निवेश

चंडीगढ़.

हरियाणा में कृषि भूमि में नाइट्रोजन की जांच करने के लिए 52 प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी। कुल 12 लाख किसानों की कृषि भूमि से नमूने लिये जाएंगे जिससे वे यूरिया का निर्धारित मात्रा में उपयोग कर जमीन की उर्वरा शक्ति बढा सकें।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में एक दर्जन विभागों के 1468 करोड़ रुपये के 32 कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें राजस्व, कृषि, कौशल विकास, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, बिजली निगम, लोक निर्माण विभाग, जनस्वास्थ्य, सिंचाई तथा हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम शामिल हैं। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और प्रधान सचिव अरुण गुप्ता मौजूद थे। किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। संबंधित जिलों में मंत्री एवं विधायकों के साथ मुख्यमंत्री भी अभियान से जुड़कर किसानों को जागरूक करेंगे। विशेषकर मोरनी क्षेत्र में 4000 एकड़ भूमि में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।

कोर्ट केस के मामलों का सही निपटान सुनिश्चित करने के लिए राजस्व कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम को स्वीकृति दी गई है। बैठक में कौशल्या डैम पंचकूला का पक्का कार्य करने, यमुना वाटर सेवाएं सर्कल रोहतक में भालोठ सब ब्रांच की आरडी 124000 से 156014 तक का पुनर्निर्माण, बरवाला ब्रांच से हिसार एयरपोर्ट पर कच्चे पानी हेतु पंपिंग स्टेशन बनाने तथा राणा डिस्ट्रीब्यूटरी का निर्माण करने की स्वीकृति प्रदान की गई। पंचकूला बस स्टैंड रोटरी से ट्राफिक लाइट 4-11 चौक तक बरसाती पानी की निकासी हेतु ड्रेन का निर्माण होगा। पिंजौर कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर 29 में 10 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा।

सिरसा, अंबाला और रेवाड़ी में शुरू होंगी कई नई परियोजनाएं
सिरसा शहर में अतिरिक्त बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण और पाइपलाइन बिछाने तथा 4.50 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने तथा केलनिया रोड पर 10 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का काम किया जाएगा। सिरसा में पेयजल के लिए तीसरे जल घर में शुद्ध जल टैंक निर्माण के साथ बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण करवाया जाएगा। अंबाला शहर के देवीनगर में 60 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और अंबाला सदर टाउन के विभिन्न जलभराव वाले क्षेत्रों में वाटर ड्रेनेज बनाई जाएगी।

रेवाड़ी शहर में नेताजी रोड पर 24 एमएलडी के प्राइमरी ट्रीटमेंट प्लांट को टीटीपी में अपग्रेड कर बिशनपुर में 17 गांवों में पर्याप्त मात्रा में पेयजल सुलभ करवाने के लिए नहर आधारित जल घर में रा वाटर पंपिंग स्टेशन का निर्माण कराया जाएगा। होडल टाउन में आगरा कैनाल वाटर टैंक से पाइप लाइन की क्षमता बढ़ाने और सीवर लाइन डलवाने के कार्य को स्वीकृति दी गई है।

 

#Nitrogen Testing Lab

Source : Agency

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